संजय गुप्ता/बलरामपुर@ राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत संचालित उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत शिक्षार्थियों एवं स्वयंसेवी शिक्षकों का सर्वे तथा उल्लास पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन प्रविष्टियों की अंतिम तिथि 15 दिसम्बर 2025 निर्धारित की गई है.. वर्ष 2023-24 और 2024-25 के लक्ष्यों के अनुरूप असाक्षरों एवं स्वयंसेवी शिक्षकों की प्रविष्टि अनिवार्य रूप से की जानी है..
कलेक्टर एवं अध्यक्ष, जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण राजेंद्र कटारा ने सभी जनपद पंचायत सीईओ, विकासखंड शिक्षा अधिकारी, विकासखंड परियोजना अधिकारी और साक्षरता मिशन प्राधिकरण को निर्देशित किया है कि उल्लास एप में ऑनलाइन एण्ट्री की प्रतिदिन समीक्षा करते हुए समय पर कार्य पूर्ण कराएँ..
असाक्षरों के चिन्हांकन हेतु दिशा-निर्देश
जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, सर्वे के दौरान निम्न श्रेणी के व्यक्तियों को शामिल किया जाएगा—
- 15 वर्ष या उससे अधिक आयु के ऐसे व्यक्ति जो असाक्षर हैं और पूर्व में किसी साक्षरता कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए।
- ऐसे नवसाक्षर, जो पीएलए के अंतर्गत एनआईओएस परीक्षा में सम्मिलित हुए थे, परंतु प्रमाणपत्र प्राप्त नहीं कर सके।
- ऐसे नवसाक्षर, जिन्हें लंबे समय के अंतराल के कारण पढ़ने-लिखने या दैनिक जीवन में आवश्यक जोड़-घटाना करने में कठिनाई होती है।
छात्र-छात्राओं को स्वयंसेवी शिक्षक बनने का अवसर..
जिला परियोजना अधिकारी (साक्षरता मिशन) हीरा लाल पटवा ने बताया कि राज्य एवं जिला स्तर से कक्षा 9वीं और 11वीं तक के छात्र-छात्राओं को स्वयंसेवी शिक्षक बनने का अवसर दिया जा रहा है.. इसके लिए 10 बोनस अंक एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किए जाने का प्रावधान है।
उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष 657 विद्यार्थियों को बोनस अंक दिए गए थे..
उल्लास कार्यक्रम के लक्ष्य को समय पर पूरा करने के लिए जिले में सर्वे कार्य तथा ऑनलाइन प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए गए हैं..
















